स्वप्न स्वाहा हुए तो हवन हो गया

Monday, November 2, 2026


स्वप्न स्वाहा हुए तो हवन हो गया

नयन झरने झरे,आचमन हो गया ll

पीर लय में घुली,आरती हो गयी 

दर्द को स्वर मिला तो भजन हो गया 


अब समय से मुझे रूठना है नहीं 

भाग्य में जो मिला,  बात वो ही सही 

कांटे जितने मिले,सब हृदय पर सहे 

टूटा सा मन मेरा अब गगन हो गया 


पीड़ा जितनी मिली,सब संजो कर रखी 

आसुओं से ही,मेने कहानी लिखी 

गीत गाने की मुझको दिशा मिल गयी 

रोना मेरा ही मुझको,  नमन हो गया


फूल माथे लगाया, तिलक हो गया 

टूटा सारा भ्रम, मन सरल हो गया 

मोन मेरा यहां, प्रार्थना बन गया 

दर्द को स्वर मिला तो भजन हो गया 


भस्म तन पर रमी,  मन अजर हो गया 

काल का भय मिटा,  सब अमर हो गया 

साँस की लय जो ईश्वर से जाकर जुड़ी 

अंत में शिव ही, मेरा पिता हो गया 


From Prateek Singh Chauhan

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